आज 14 नवंबर 2025 को कई बड़ी कंपनियों ने अपने Q2 नतीजे जारी किए। कुछ कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि कई जगह मुनाफे में भारी गिरावट देखने को मिली। घरेलू मांग, साइबर घटनाओं, कच्चे माल की लागत और बाजार की सुस्ती—इन सबने दूसरी तिमाही के नतीजों पर असर डाला। नीचे आज पूरे दिन आने वाले प्रमुख कॉर्पोरेट नतीजों का विस्तृत अपडेट दिया गया है।
सबसे ज्यादा चर्चा में रहे टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के नतीजे, जहां कंपनी ने इस बार कमजोर तिमाही का सामना किया। साइबर घटना का असर पूरे ग्रुप के वित्तीय प्रदर्शन पर साफ दिखा। ग्रुप CFO पीबी बालाजी ने कहा कि यह चुनौतीपूर्ण समय जरूर है, लेकिन कंपनी इस दौर से और मजबूत होकर निकलने की तैयारी में है। उन्होंने बताया कि डीमर्जर के बाद JLR और घरेलू PV बिजनेस दोनों अपने-अपने स्तर पर नए अवसरों का लाभ उठाने की स्थिति में हैं।
कंपनी के अनुसार, TMPVL की कुल आय ₹72,300 करोड़ रही, जो पिछले साल की तुलना में करीब 13.5 प्रतिशत कम है। EBIT में भी भारी गिरावट रही और यह -₹4,900 करोड़ पर पहुंच गया। JLR पर पड़े प्रभाव के कारण मार्जिन पर दबाव और बढ़ गया। वहीं घरेलू कारोबार त्योहारी सीजन और GST सुधारों के चलते कुछ हद तक संभला। कंपनी ने बताया कि इस तिमाही में नेट प्रॉफिट ₹76,248 करोड़ रहा, जिसमें बंद हो चुकी गतिविधियों से मिलने वाले लाभ का भी योगदान है।
मारिको के नतीजों में इस बार मुनाफा कम हुआ। कंपनी का standalone शुद्ध लाभ घटकर ₹399 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹529 करोड़ था। consolidated आधार पर कंपनी ने ₹432 करोड़ का लाभ दर्ज किया, जो लगभग स्थिर रहा।
MRF ने तिमाही में मुनाफे में बढ़त दर्ज की, जबकि नैटो फार्मा का शुद्ध लाभ 23 प्रतिशत से अधिक गिर गया और यह ₹517.9 करोड़ पर आ गया। ड्रीमफोक्स सर्विसेज का लाभ भी कम होकर ₹12.2 करोड़ रह गया, जिससे शेयरों में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
TCPL पैकेजिंग की कमाई में गिरावट आई। कंपनी का लाभ ₹28.33 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹35.81 करोड़ था। टाइम टेक्नोप्लास्ट ने बेहतर प्रदर्शन किया और इसका लाभ बढ़कर ₹58.19 करोड़ हो गया। NCL इंडस्ट्रीज के नतीजे कमजोर रहे और इसका तिमाही लाभ घटकर ₹19.73 करोड़ रह गया।
कॉफी डे एंटरप्राइजेज ने इस बार घाटा दर्ज किया। कंपनी को ₹6 करोड़ का standalone घाटा हुआ, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी लाभ में थी। BASF इंडिया का लाभ भी घटकर ₹101 करोड़ रह गया।
किर्लोस्कर इंडस्ट्रीज ने इस बार बेहतर परिणाम दिए और कंपनी का लाभ बढ़कर ₹39.56 करोड़ पहुंच गया। वहीं मोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीज को झटका लगा और इसका लाभ तीन करोड़ से थोड़ा ऊपर रहा, जो पिछले साल के मुकाबले काफी कम है।
बाजार में कई शेयरों में तेज हलचल देखने को मिली। AXISCADES के मजबूत नतीजों के बाद इसके शेयरों में करीब 5 प्रतिशत उछाल आया। परास डिफेंस ने इस तिमाही में 42 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ ₹22.26 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया। इससे इसके शेयरों में भी जोरदार मजबूती देखने को मिली।
दूसरी तरफ, रिलायंस कम्युनिकेशंस की कमजोरी और बढ़ी। कंपनी का घाटा बढ़कर ₹2,701 करोड़ हो गया। इंदोविंड एनर्जी का लाभ मामूली रूप से बढ़ा और रेन होल्डिंग्स की कमाई में भारी गिरावट दर्ज की गई।
कुल मिलाकर आज जारी हुए Q2 नतीजों ने एक मिश्रित तस्वीर पेश की। कुछ कंपनियों ने चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद स्थिर प्रदर्शन किया, जबकि कई सेक्टरों में सुस्ती की वजह से मुनाफा कम हुआ। आने वाली तिमाही में त्योहारी मांग, लागत नियंत्रण और वैश्विक व्यवसाय में स्थिरता से कंपनियों की स्थिति बदल सकती है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि आने वाले महीनों में इन कंपनियों की रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।













