रिपोर्ट | Market Duniya Desk
दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद बजाज फाइनेंस के शेयरों में मंगलवार को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में शेयर करीब 7 प्रतिशत टूट गया। कंपनी ने मुनाफे में अच्छी बढ़त दिखाई है, लेकिन भविष्य की गाइडेंस कमजोर रहने और एसेट क्वालिटी में हल्की गिरावट से निवेशकों में निराशा दिखी।
मजबूत मुनाफा, लेकिन उम्मीद से कम प्रदर्शन
सितंबर तिमाही में बजाज फाइनेंस का कर पश्चात लाभ (PAT) 22% बढ़कर ₹4,875 करोड़ रहा। हालांकि यह आंकड़ा बाजार की उम्मीद ₹4,969 करोड़ से थोड़ा कम रहा। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम 22% बढ़कर ₹10,785 करोड़ और कुल आय 20% बढ़कर ₹13,170 करोड़ पहुंच गई। संचालन स्तर पर कंपनी का मुनाफा 21% उछलकर ₹8,874 करोड़ रहा, जो मजबूत ऑपरेटिंग मार्जिन को दिखाता है।
AUM गाइडेंस घटाई, MSME सेक्टर में सतर्क रुख
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ग्रोथ लक्ष्य को घटाकर 22–23% कर दिया है। पहले यह 24–25% तय किया गया था। प्रबंधन का कहना है कि एमएसएमई और टू-व्हीलर सेगमेंट में कुछ दबाव दिख रहा है, इसलिए इन क्षेत्रों में कर्ज वितरण को लेकर कंपनी अब अधिक सतर्क है।
ग्राहक आधार और लोन वितरण में बढ़ोतरी
सितंबर तिमाही में कंपनी ने 1.22 करोड़ नए लोन दिए, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 26% अधिक है। ग्राहक संख्या बढ़कर 11.06 करोड़ हो गई, जबकि केवल तीन महीनों में 41 लाख नए ग्राहक जुड़े।
एसेट क्वालिटी में मामूली गिरावट
कंपनी की ग्रॉस NPA दर 1.24% रही, जो पिछले साल 1.06% थी। नेट NPA भी 0.46% से बढ़कर 0.60% पर पहुंच गया। लोन लॉसेस और प्रोविजन 19% बढ़कर ₹2,269 करोड़ रहे। कंपनी का प्रोविजन कवरेज रेशियो 52% रहा, जिससे पता चलता है कि प्रबंधन संभावित जोखिमों के प्रति सतर्क है।
ब्रोकरेज हाउसों की राय बंटी हुई
ज़्यादातर ब्रोकरेज ने इसे “मिश्रित तिमाही” बताया है। Motilal Oswal ने शेयर पर Neutral रेटिंग दी और ₹1,160 का लक्ष्य रखा। JM Financial ने रेटिंग घटाकर ADD कर दी और लक्ष्य ₹1,140 रखा। वहीं Morgan Stanley और HSBC ने इसे खरीदारी का मौका माना — क्रमशः ₹1,195 और ₹1,200 का लक्ष्य दिया। Jefferies ने भी Buy कॉल बरकरार रखी और ₹1,270 का लक्ष्य दिया। इसके उलट Bernstein ने Underperform रेटिंग दी और ₹640 का टारगेट सुझाया, यह कहते हुए कि उच्च NPA और स्केलिंग प्रेशर चिंता का विषय हैं।
मूल्यांकन और आगे की दिशा
फिलहाल कंपनी का शेयर FY27 की अनुमानित बुक वैल्यू के लगभग 5 गुना और कमाई के 26 गुना पर ट्रेड कर रहा है — यानी अभी भी यह भारत के सबसे महंगे वित्तीय स्टॉक्स में शामिल है। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी की मजबूत फंडामेंटल्स — लगभग 25% सालाना मुनाफा वृद्धि और 22% RoE — प्रीमियम वैल्यूएशन को कुछ हद तक सही ठहराते हैं। लेकिन गाइडेंस घटने, मार्जिन स्थिर रहने और NPA में हल्का दबाव आने से निकट भविष्य में बड़े उछाल की संभावना सीमित दिखती है।
क्या गिरावट पर खरीदारी सही रहेगी?
लंबे समय के निवेशकों के लिए यह गिरावट आकर्षक मौका हो सकता है, क्योंकि बजाज फाइनेंस की कार्यक्षमता, ग्राहक वृद्धि और लाभप्रदता अभी भी मजबूत है। आने वाले त्योहार सीजन में कर्ज वितरण में तेजी आने की उम्मीद भी शेयर को सपोर्ट दे सकती है। हालांकि, अल्पकाल में निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए क्योंकि कंपनी की लोन ग्रोथ में सुस्ती और बढ़ती क्रेडिट कॉस्ट बाज़ार को कुछ समय के लिए अस्थिर रख सकती है। विशेषज्ञों की राय है कि फिलहाल “वेट एंड वॉच” रणनीति बेहतर है, और अगले तिमाही के नतीजे ट्रेंड तय करेंगे।













