टाटा मोटर्स (सीवी) के दूसरे तिमाही (Q2) के नतीजे गुरुवार को घोषित हुए। यह कंपनी के लिस्टिंग के बाद पहली बार के नतीजे हैं। कंपनी को इस तिमाही में ₹867 करोड़ का घाटा हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹498 करोड़ का मुनाफा हुआ था।
कंपनी का परिचालन से राजस्व 6 प्रतिशत बढ़कर ₹18,585 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹17,535 करोड़ था। हालांकि, इस बार नुकसान का मुख्य कारण टाटा कैपिटल में हालिया निवेश से जुड़ी मार्क-टू-मार्केट (MTM) हानि बताई गई है। इस वजह से लगभग ₹2,000 करोड़ का असर कंपनी के मुनाफे पर पड़ा।
टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल (CV) अब टाटा समूह की स्वतंत्र इकाई के रूप में कार्य कर रही है। पहले यह हिस्सा टाटा मोटर्स लिमिटेड का था। अब यात्री वाहन व्यवसाय को टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV) के नाम से अलग कर दिया गया है।
कंपनी ने बताया कि EBITDA मार्जिन 12.2% रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 150 बेसिस प्वाइंट ज्यादा है। वहीं EBIT मार्जिन 9.8% पर पहुंच गया। इस सुधार का कारण ज्यादा बिक्री और बेहतर प्राइसिंग बताया गया।
इस तिमाही में कर से पहले का लाभ (PBT) ₹1,700 करोड़ रहा। कंपनी ने कहा कि लगातार उठाए गए कदमों की वजह से नकद प्रवाह मजबूत रहा और तिमाही में फ्री कैश फ्लो (FCF) ₹2,200 करोड़ रहा।
वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में (H1FY26) कंपनी का FCF ₹417 करोड़ रहा, जो अब तक का सबसे अधिक आधे साल का आंकड़ा है। कंपनी का आरओसीई (ROCE) 45% पर पहुंच गया है, जो पिछले साल 37% था। सितंबर 2025 के अंत तक घरेलू कारोबार का नेट डेट ₹600 करोड़ रहा।
व्यवसाय के प्रमुख बिंदु:
- कमर्शियल व्हीकल (CV) सेगमेंट की थोक बिक्री 96.8 हजार यूनिट रही, जो 12% की वृद्धि है।
- घरेलू बिक्री 9% बढ़ी जबकि निर्यात में 75% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- घरेलू बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी 35.3% पर स्थिर रही।
- जीएसटी में कमी का पूरा लाभ ग्राहकों को दिया गया।
- Ace Gold+ Diesel, Winger Plus, LPT 812 और LPO 1822 जैसे नए मॉडल लॉन्च किए गए।
- ग्रीन एनर्जी मोबिलिटी सॉल्यूशंस के साथ 100 Magna EV कोच की सप्लाई के लिए समझौता किया गया।
- नए लॉन्च किए गए Ace Pro EV की 1300 गाड़ियां 4 महीने में बेची गईं।
आगे की रणनीति और अनुमान:
कंपनी ने कहा कि जीएसटी 2.0 का पूरा असर अभी दिखना बाकी है। त्योहारों के मौसम और बढ़ती खपत के साथ दूसरी छमाही में कारोबार के और मजबूत होने की उम्मीद है। निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर और माइनिंग जैसे क्षेत्रों में तेजी आने से ट्रक और टिपर की मांग बढ़ेगी।
टाटा मोटर्स के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ गिरीश वाघ ने कहा कि बुधवार की लिस्टिंग कंपनी के लिए ऐतिहासिक क्षण रहा। उन्होंने कहा कि “हमारे वित्तीय नतीजे हमारे मजबूत बिजनेस मॉडल और स्थिर रणनीति को दर्शाते हैं। जीएसटी 2.0 और त्योहार सीजन ने मांग को बढ़ावा दिया। हमने साल-दर-साल 12% वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज की।”
उन्होंने आगे कहा कि “वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर और माइनिंग सेक्टर से मांग और बढ़ेगी। हम लाभकारी वृद्धि और टिकाऊ प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित रखेंगे।”
| विवरण | Q2 FY25 | Q2 FY26 | H1 FY25* | H1 FY26 | Q2 vs Q2 | H1 vs H1 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| राजस्व (₹ करोड़) | 17,237 | 18,370 | 35,073 | 35,378 | 6.6% | 0.9% |
| EBITDA % | 10.7% | 12.2% | 11.2% | 12.2% | 150 bps | 100 bps |
| EBIT % | 7.8% | 9.8% | 8.4% | 9.8% | 200 bps | 140 bps |
| PBT (bei) (₹ करोड़) | 1,225 | 1,694 | 2,728 | 3,326 | 469 | 598 |
| FCF (₹ करोड़) | 984 | 2,211 | 176 | 417 | 1,227 | 241 |
आधिकारिक रिपोर्ट और पूरी जानकारी के लिए देखें: https://nsearchives.nseindia.com/corporate/TMLCOMMERCIAL_13112025171536_NSEBSELETTERFINAL.pdf













